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करोड़ों Aadhar Card धारकों के लिए बहुत ही जरूरी खबर, अवश्य पढ़ें

Aadhar Card

देश के करोड़ों Aadhar Card धारकों के ‌लिए यह अच्छी खबर नहीं ‌है कि यदि आधार कार्ड का लेमिनेशन करा रखा है या फिर प्लास्टिक स्मार्ट कार्ड के रूप में इसका इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए धातक है। ऐसा करने पर आधार कार्ड का क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है। ऐसी स्थिति में निजी जानकारी चोरी हो जाने का भी बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। यह चेतावनी खुद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने जारी की है और जनता को आगाह किया कि वह प्लास्टिक वाले या लेमिनेटेड आधार स्मार्ट कार्ड के चक्कर में नहीं पड़े। प्राधिकरण का कहना है कि आधार पत्र या इसका कटा हुआ भाग, सामान्य कागज पर आधार का इंटरनेट से निकाला गया संस्करण या एम आधार पूरी तरह वैध है।

यूआईडीएआई का कहना है कि Aadhar Card की छपाई पर 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का खर्च आता है, जो पूरी तरह से गैर-जरूरी है। यूआईडीएआई की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड अक्सर गैर-जरूरी होते हैं। इसकी वजह यह होती है कि क्विक रेस्पॉन्स कोड आमतौर पर काम करना बंद कर देता है। इस तरह की अनधिकृत छपाई से क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है।'

आधार एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इसके अलावा यह भी संभावना है कि आप की मंजूरी के बिना ही गलत तत्वों तक आपकी निजी जानकारी साझा हो जाए। यही नहीं एजेंसी ने लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति से आधार नंबर साझा नहीं करपना चाहिए। यही नहीं यूआईडीएआई ने आधार कार्ड्स की डिटेल जुटाने वाली अनधिकृत एजेंसियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि Aadhar Card की जानकारी हासिल करना या फिर उनकी अनधिकृत प्रिटिंग करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर कैद भी हो सकती है। 


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